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Laghu Parashari | Hindi | लघु पाराशरी: मौलिक श्लोकों के अन्वय एवं व्याख्या सहित | फलित के सुदृढ़ आधार के लिए अनिवार्य ग्रन्थ | Dr. Sushil Agarwal |

Laghu Parashari | Hindi | लघु पाराशरी: मौलिक श्लोकों के अन्वय एवं व्याख्या सहित | फलित के सुदृढ़ आधार के लिए अनिवार्य ग्रन्थ | Dr. Sushil Agarwal |
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Laghu Parashari | Hindi | लघु पाराशरी: मौलिक श्लोकों के अन्वय एवं व्याख्या सहित | फलित के सुदृढ़ आधार के लिए अनिवार्य ग्रन्थ | Dr. Sushil Agarwal |

About the Book:- पुस्तक-सार: उडुदायप्रदीप नामक मौलिक ग्रन्थ 'लघु पाराशरी' के नाम से प्रसिद्ध है। इस ग्रन्थ में विंशोत्तरी दशा पद्धति पर आधारित महत्त्वपूर्ण श्लोक दिये गए हैं। लघु पाराशरी में कुल 42 श्लोक हैं जिनका आधार महर्षि पराशर विरचित बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् है। इस ग्रन्थ में स्थानादिवश विशिष्ट फलों से सम्बन्धित म हत्त्वपूर्ण सूत्रों का एकत्रीकरण है। इस संपूर्ण पुस्तक को 5 अध्यायों में विभाजित किया गया है। संज्ञाध्याय में मंगलाचरण, अन्तर्वस्तु, उद्देश्य, आधार आदि का विवरण है। द्वितीय अध्याय में मुख्यतः भावेशों के शुभाशुभ होने के सूत्रों की व्याख्या है। तृतीय अध्याय में केन्द्रेश और त्रिकोणेश के परस्पर सम्बन्धों के आधार पर निर्मित होने वाले योगों को परिभाषित किया गया है। चतुर्थ अध्याय में आयु भावों और मारक भावों के निर्धारण के अतिरिक्त भाव स्वामियों के मारकत्व के क्रम का विवेचन है। पञ्चम अध्याय में दशाफल के महत्त्वपूर्ण सूत्रों का सार है। परिशिष्ट में लघु पाराशरी का सारांश प्रस्तुत किया गया है जिससे समय-समय पर त्वरित पुनरावलोकन किया जा सके। इस पुस्तक में सर्वप्रथम प्रत्येक श्लोक का अन्वय किया गया है। तत्पश्चात् प्रत्येक संस्कृत के शब्द का हिन्दी अनुवाद किया है। अंत में प्रत्येक श्लोक का अपनी बुद्धि अनुसार अनुवाद और विस्तृत भाष्य किया है। इसके अतिरक्त, इस पुस्तक में 100 से अधिक उदाहरण, अनेक तालिकाएँ

Composition
Product Code DCI-00736
Edition 2026
Condition New
Language Hindi
Binding Paperback
Pages 183
ISBN 13 978-8170822790
Dimension 21.5 x 14 x 1.5 CM
Weight 290 GR
Country of Origin India

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₹300.00
Ex Tax: ₹270.00
  • Stock: In Stock
  • Author: Dr. Sushil Agarwal
  • SKU: DCI-00736
  • ISBN: 978-817082279
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